Whatsapp का Fake News को लेकर बड़ा कदम, भारत में कोमल लाहिरी को बनाया Grievance
Officer
Whatsapp पर फैल रही Fake खबरों को रोकने के लिए कंपनी ने भारत में एक Grievance Officer (शिकायत निपटान अधिकारी) कोमल लाहिरी को नियुक्त किया है। कोमल लाहिरी की जिम्मेदारी Whatsapp पर यूजर्स द्वारा फैलाई जा रही खबरों और शिकायतों को दूर करना है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, Whatsapp App की Settings में FAQ Section में सीधे कंपनी की Support Team से संपर्क किया जा सकता है।![]() |
| Fake Whatsapp News |
कोमल लाहिरी कसेंगी फेक न्यूज पर शिकंजा:
यूजर्स को आ रही किसी भी परेशानी को Email द्वारा सीधे अधिकारी तक पहुंचाया जा सकता है। यूजर्स App या Email के जरिए कोमल लाहिरी से मदद ले सकते हैं। कोमल लाहिरी की लिंक्डिन Profile के मुताबिक, वो Whatsapp की वैश्विक ग्राहक परिचालन और स्थानीयकरण विभाग की वरिष्ठ निदेशक हैं। देखा जाए तो फिलहाल कंपनी ने कोमल लाहिरी की नियुक्ति के बारे में घोषणा नहीं की है। लेकिन कंपनी की वेबसाइट पर कोमल लाहिरी को Grievance Officer के तौर पर दिखाया गया है। आपको बता दें कि कोमल अमेरिका में रहती हैं लेकिन वो भारत में Whatsapp Fake न्यूज के मसले संभालेंगी।सूत्रों की मानें तो कोमल लाहिरी को Grievance Officer अगस्त के अंत में नियुक्त किया गया है। Whatsapp Website के मुताबिक, यूजर्स कंपनी की Support Team के साथ सीधे Contact कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें Settings में जाना होगा। अगर ग्राहक अपनी शिकायत को आगे पहुंचाना चाहते हैं तो वो Grievance Officer से डायरेक्ट बात कर सकते हैं।
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Whatsapp को लेकर मोदी सरकार सख्त:
Whatsapp पर Fake Message को लेकर मोदी सरकार ने सख्त संदेश दिया था। मोदी सरकार ने कंपनी को भारत में काम करने के लिए कॉरपोरेट यूनिट बनाने और Fake Message के ओरिजनल सोर्स का पता लगाने के लिए तकनीकी समाधान ढूंढने को कहा था। इस मामले को लेकर आईटी मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद ने Whatsapp के प्रमुख क्रिस डेनियल्स से मुलाकात भी की थी। रविशंकर ने बताया था कि Whatsapp से भारत में फेक न्यूज रोकने के लिए एक कंपनी बनाने को कहा गया है। साथ ही किसी भी Fake Message को फैलाने वाले ओरिजनल सोर्स का पता लगाने को भी कहा गया है। इसके अलावा रविशंकर ने कहा कि किसी भी Message का सोर्स पता लगाना कोई रॉकेट साइंस नहीं है। बस Whatsapp के पास इसका पता लगाने के लिए एक मैकेनिज्म होना चाहिए।

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